Query by Purabi Nandi, from Unknown place

Name : Purbi Nandi Date of Question : 05-04-2013 Time of Question : 16:17 Hrs (IST) Place of Question replied : Delhi (India) Query : will i get married to kaushik sarkar born on 15 march,1986 in 2014 Purabi, According to Vedic astrology my observations are as follows: 1. At the time you have raised this question, its Leo ascendant and lord Sun. 2. Spouse house lord Saturn is not forming any relationship with the question. I regret to comment that according to this possibility is not good.

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Query by Yash, from Kanpur (India)

Name : Yash Date of birth : 15-11-1975 Time of Birth : 06:43 Hrs (IST) Place of Birth : Kanpur (India) Query : Hi, I am currently out of job. When will i marry and get a job? Yash, Since you have opted for free service, hence only one query will be replied. According to Vedic astrology my observations are as follows: 1. Scorpio ascendant and lord Mars is placed in the house of miseries. 2. you lost your job during Mahadasha of Venus (debilitated), Anterdasha of Jupiter and Pratyanterdasha of Ketu. 3. Possibilities of job opportunity may start coming after April or end of April 2013. Better opportunity may come after September or October 2013.

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Navgrah Chalisa

नवग्रह चालीसा :- Nav grah Chalisa :- श्री गणपति ग़ुरुपद कमल, प्रेम सहित शिरानाया | नवग्रह चालीसा कहत,शारद होत सहाय ll जय जय रवि शशि सोम बुध,जय गुरु भ्रगु शनि राज ll जयति राहू अरु केतु ग्रह, करहु अनुग्रह आजा ll श्री सूर्य स्तुति प्रथमही रवि कहं नावौ माथा, करहु कृपा जन जानी अनाथा l हे आदित्य दिवाकर भानु, मै मतिमन्द महा अग्यानु l अब निज जन कहं हरहु कलेशा, दिनकर द्वादशा रूपा दिनेषा l नमो भास्कर सूर्य प्रभाकर, अर्क मित्र अघ मोघ क्षम्माकर l श्री चंद्र स्तुति शशि मयंक रजनिपति स्वामी, चंद्र कलानिधि नमो नमामि l राकापति हिमांशु राकेशा, प्रनवत जन तना हरहु कलेशा l सोम इंदु विधु शान्ति सुधाकर, शीत रश्मि औषधि निशाकर l तुम्ही शोभित सुंदर भाल महेशा, शरण शरण जन हरहु कलेशा l श्री मंगल स्तुति जय जय मंगल सुखा दाता, लौहित भौमादिका विख्याता l अंगारक कुंज रुज ऋणहारि, दया करहु यही विनय हमारी l हे महिसुत छातिसुत सुखरासी,लोहितांगा जय जन अघनासी l अगम अमंगल अब हर लीजै, सकल मनोरथ पूरन कीजै l श्री बुध स्तुति जय शशि नंदन बुध महाराजा, करहु सकल जन कहाँ शुभ काजा l दीजै बुद्धि सुमति सुजाना, कठिन कष्ट हरी करी कलियाना l हे तारासुत रोहिणी नंदन, चंद्र सुवन दुह्ख द्वंद निकन्दन l पूजहु आस दास कहूँ स्वामी प्रणत पाल प्रभु नमो नमामि l श्री ब्रहस्पति स्तुति जयति जयति जय श्री गुरु देवा, करहु सदा तुम्हारी प्रभु सेवा l देवाचार्य तुम गुरु ज्ञानी, इन्द्र पुरोहित विद्या दानी l वाचस्पति बागीसा उदारा, […]

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